
( डोमार साहू गिधपुरी ) देवउठनी पर्व पर गांव में गन्ने सझकर तैयार हैं दूर अंचल से ग्रामीण गन्ने लेने पहुंच रहे हैं वहीं ग्राम भरूवाडीह में एकादशी के मौके पर गन्ने की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। छठ पर्व से शुरू होने वाला गन्ने का कारोबार एकादशी के दिन भी बहुत ज्यादा बिक्री की जाती है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु और तुलसी के विवाह का मंडप गन्ने से तैयार किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन गन्ने से मंडप बनाकर भगवान विष्णु की पूजा करने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इसी के साथ किसान भी गन्ने की नई फसल की कटाई का काम शुरू करते हैं, जिससे इस दिन गन्ने का महत्व और बढ़ जाता है।
मौसम के बदलाव के साथ, गुड़ का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, जो गन्ने के रस से तैयार होता है। इस मान्यता के अनुसार, हर शुभ कार्य की शुरुआत मीठे से करने की परंपरा है, जिससे एकादशी पर गन्ने की पूजा का महत्व बढ़ जाता है।
वही इस वर्ष गावो में गन्ने 20 से 80 रुपया तक में बिक रहे है।



