
कसडोल – विगत 18 फरवरी 2024 से बिटकुली ग्राम में शिव महापुराण कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासियों द्वारा किया जा रहा है.आज 6 वे दिन में महराज ने बताया गणपति ने अपने माता पिता का माटी पुत्र का परिक्रमा करके विश्व को संदेश दिया की हर व्यक्ती को माता पिता की सेवा करनी चाहिए माता पिता से बढ़कर और कोई नहीं इस प्रसंग के बाद भगवान गणेश का जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि देवी पार्वती ने अपने उबटन से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। जिसके बाद उन्होंने उसे द्वारपाल बनाकर बैठा दिया। वह स्नान करने के लिए चली गईं। संयोग से इसी दौरान भगवान शिव वहां पहुंच गए। बालक गणेश ने उन्हें रोक दिया। समझाने के बाद भी नहीं मानने पर क्रोधित होकर शिवजी ने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया। जिसके बाद पार्वती नाराज हो गई। जिस पर भगवान भोलेनाथ ने बालक के धड़ पर हाथी का मस्तक लगाकर उसे जीवनदान दे दिया। कथा सुनाकर भक्तों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए।
इसके बाद गणेश जी का विवाह प्रसंग को धूम धाम से मनाया.
परायणचार्या योगेश पंडित एवं परायण कर्ता आचार्य लक्ष्मण तिवारी रहे.
बड़ी संख्या में भक्त गण उपस्थित होकर दर्शन लाभ लिये.
नरेंद्र डडसेना ✍️




