बच्चों को सुरक्षित महसूस कराना एवं अपने घर के बच्चों के समान ही देखभाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी- कलेक्टर दीपक सोनी

कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षकों की ली समीक्षा बैठक, सभी हॉस्टलों में प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस कंट्रोल का नंबर 3 दिवस के भीतर अंकित करने के दिए निर्देश
बलौदाबाजार – बलौदा बाजार भाटापारा जिला कलेक्टर दीपक सोनी की अध्यक्षता में आज आदिवासी विकास विभाग की ओर से संचालित छात्रावास अधीक्षकों की कार्याे की समीक्षा किया गया। उक्त बैठक में छात्रावास अधीक्षक ही नही बल्कि मंडल संयोजक, विभाग के चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी गण भी उपस्थित रहे है।

कलेक्टर सोनी ने दो टूक कहा की जिले के किसी भी बच्चें घर से दूर अपने माता-पिता को छोड़कर पढ़ाई करनें के उद्देश्यों से आते है उनके उद्देश्यों को पूरा करनें के लायक बनना हम सब का दायित्व है। बच्चों को रोज रेडियों में समाचार सुनने के लिये प्रेरित करें,और कोई एक दो अखबार पढ़ने कहा है। हॉस्टल में सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नही की जाएगी। बच्चों को सुरक्षित महसूस कराना एवं अपने घर के बच्चों के समान ही देखभाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। जिस तरह हम अपने बच्चों के प्रति व्यवहार रखते है ठीक उसी तरह हॉस्टल के बच्चों के प्रति होना चाहिए.बच्चें घर से दूर अपने माता-पिता को छोड़कर पढ़ाई करनें के उद्देश्यों से आते है उनके उद्देश्यों को पूरा करनें के लायक बनना हम सब का दायित्व है।
उन्होंने आगे कहा की हॉस्टल में किसी भी तरह घटना होने पर तत्काल एसडीएम एवं सहायक आयुक्त को जानकारी दी जानी चाहिए. किसी तरह सूचना न देना भी एक अपराध की तरह है। सोनी ने आगे कहा कि हॉस्टल में बच्चों के रुचि अनुसार उनकी पढ़ाई,खेलकूद,कला से सम्बंधित हॉबी क्लब की गठन जरूर करें। हॉस्टल की साफ सफाई एवं खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कहा गया है। छात्रावास में खाद्यान्न उठाव में पारदर्शिता लाने मीनू चार्ट के अनुसार भोजन व्यवस्था कराने, छात्रावास की संचालन सुचारू रूप से करने,अधीक्षको की नियमित उपस्थिति, छात्र-छात्रओं की उपस्थिति संबंधी जानकारी हासिल की। साथ ही छात्रावास भवनों के रख-रखाव, किचन गार्डन, नवाचार,बच्चों को सुचारू रूप से अध्यापन कार्य में मदद करने को कहा। विशेष रूप से कन्या छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे प्रतिदिन चालू रखने एवं महिला होम गार्ड के नियमित रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए है।
जिले के सभी हॉस्टलों में अधिकारियों सहित पुलिस कंट्रोल का नंबर का नंबर तीन दिवस के भीतर अंकित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कई बिंदुओं पर अधीक्षकों से चर्चा कर जानकारी लिया। अधीक्षकों ने भी कलेक्टर से अपनें विचार भी साझा किये।




