


राकी साहू . लवन शाखा अंतर्गत लाखों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़े हुए है लवन शाखा क्षेत्र के अहिल्दा,लवन,मुंडा,बरदा,सरखोर,खैरा,डमरू,सीरियाडीह सहित कुल 15 खरीदी केंद्रों में ही लगभग 2 लाख क्विंटल धान जाम पड़े है अब धान की बोरियों को चूहे कुतरने लगे हैं जिससे सारा धान बाहर निकल कर खराब हो रहे है तेज धूप पड़ने से भी धान सूखने लगे है गत दिवस बलौदाबाजार भाटापारा जिला कलेक्टर के.एल चौहान ने संबंधित विभाग से भी जवाब मांगा था लेकिन जिम्मेदार द्वारा इस ओर कोई ध्यान नही देने से समस्य जस की तह बनी हुई है ज्ञात हो कि खरीदी केंद्रों ने धान उठवाने के लिए हाईकोर्ट ने भी 27 अप्रैल तक की समय दी है लेकिन कोई भी जिम्मेदार को इसकी चिंता नहीं वहीं अधिकारियों द्वारा खुलेआम हाई कोर्ट के आदेशो का अवहेलना की जा रही है
धान की उठाव नही होने के कारण समिति प्रबंधक चिंतित है
इस संबंध में अहिल्दा शाखा प्रबंधक मेष कुमार साहू ने बताया की कभी पांच जिलों में प्रथम आने वाले अहिल्दा शाखा में आज दुर्दशा यह है कि 19500 क्विंटल धान जाम पड़े है वहीं उन्होंने आगे कहा की अधिकारी कर्मचारीयो द्वारा भेदभाव द्वेष के कारण 12000 प्लास्टिक अमानत बोरियों का डी.ओ नहीं काटा जा रहा है पूरे 12 हजार से ज्यादा बोरियां 75% फट कर खराब हो चुके हैं
तिल्दा शाखा प्रबंधक रामकुमार साहू ने कहना है कि लवन शाखा के सभी समिति राजनीति का शिकार हो रहे है क्योंकि यहां कांग्रेस का विधायक है इसके कारण जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी पूरे जिले में सिर्फ लवन शाखा को ध्यान नहीं दे रहे हैं जिसका खामियाजा लवन शाखा अंतर्गत सभी समिति प्रबंधकों को भुगतना पड़ रहा है
इस संबंध में डमरू समिति प्रबंधक कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि उनके यहां अभी 28000 क्विंटल धान जाम पड़े हैं बहुत से धान की बोरियां फट गई है धान धूप में सुख रहे हैं वहीं 8000 क्विंटल का डिओ नहीं कटा है
वही समिति प्रबंधकों ने कहा कि संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को नेता मंत्री तक को धान उठाव हेतु लिखित आवेदन दिया जा चुका है उन्होंने आगे बताया कि यदि समय रहते धान का उठाव नहीं किया गया तो बहुत से धान बर्बाद हो जाएंगे जिला विपणन अधिकारी के द्वारा ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा की प्लास्टिक बोरी का डीओ नहीं काटा जा रहा है जबकि, खरीदी केंद्रों में धान का बंपर स्टॉक प्लास्टिक की बोरियों में ही भरा पड़ा है ऐसे में मौसम की मार और चूहों के से प्लास्टिक की बोरियां फट रहीं हैं खुले आसमान में धान पड़े है तेज धूप से धान सुख कर खराब होने लगे है




