
लवन। नगर पंचायत लवन के पाण्डेय परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। 21 दिसंबर से जारी इस आध्यात्मिक महोत्सव में श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य विनयकांत त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं और छप्पन भोग प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया।
माखन चोरी और बाल लीलाओं का जीवंत वर्णन
कथा में आचार्य विनयकान्त त्रिपाठी ने भगवान कृष्ण के गोकुल प्रवास और उनकी बाल लीलाओ का वर्णन करते हुए बताया कि प्रभु की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भक्तों के उद्धार का मार्ग हैं। उन्होंने पूतना वध, शकटासुर वध और माखन चोरी के प्रसंगों को बेहद मार्मिक ढंग से सुनाया। आचार्य ने कहा परमात्मा प्रेम के भूखे हैं; जब भक्त उन्हें सच्चे हृदय से पुकारता है, तो वे स्वयं चलकर उसके पास आते हैं।
गिरिराज पूजन और छप्पन भोग
कथा के दौरान इंद्र के मान मर्दन और गोवर्धन पूजा के प्रसंग ने पंडाल में भक्ति का संचार कर दिया। भगवान कृष्ण द्वारा कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा सुनकर भक्त भावविभोर हो गए। इस अवसर पर भगवान को ‘छप्पन भोग’ अर्पित किया गया। झांकियों के माध्यम से गिरिराज पर्वत और बाल कृष्ण के स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के बीच-बीच में आचार्य विनयकांत त्रिपाठी द्वारा गाए गए भजनों पर भक्त स्वयं को रोक नहीं पाए और झूमते-नाचते नजर आए। पूरा वातावरण नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गुंजायमान रहा आयोजक पाण्डेय परिवार ने बताया कि कथा में स्थानीय जन प्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में ग्रामीण और दूर-दराज से आए श्रद्धालु शामिल हो रहे है वही पाण्डेय परिवार ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।


