अमृतकाल छत्तीसगढ़ विजन2047 राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रबुद्धजनों ने दस्तावेज तैयार करने दिए सुझाव

जनजाति समाज के ट्रेडिशन को संरक्षित करते हुए विकास करना होगा
रायपुर, 16 जुलाई 2024 छत्तीसगढ़ नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज राजधानी स्थित न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। जिसमें पद्मश्री अजय मांडवी, पद्मश्री जागेश्वर यादव,श्री इंदर भगत, श्री बृजेन्द्र शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए प्रबुद्धजनों ने परिचर्चा में भाग लिया और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त किया।
परिचर्चा में स्वास्थ्य छत्तीसगढ़, सुखी छत्तीसगढ़, सुस्थायित्व (स्टेनेबिलिटी) स्थायी समुदाय सतत् उत्पादन और उपभोग, कृषि सुपरफूड्स शक्ति, सेहत प्राकृतिक औषधालय, सेवा क्षेत्र आईटी का नया गढ़, लॉजिस्टिक्स जुड़ता छत्तीसगढ़, बढ़ता छत्तीसगढ़ पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी प्रकार शिक्षा फ्यूचर रेडी, प्रतिभाशाली छत्तीसगढ़, संस्कृति कला और संस्कृति की नई पहचान, विनिर्माण उद्योग की नई परिभाषा, वन्य उत्पाद स्थानीय उत्पाद, वैश्विक पहचान, पर्यटन प्रकृति से संस्कृति तक, गवर्नेस सरल, सुरक्षित छत्तीसगढ़ विषय पर चर्चा की गई। प्रबुद्धजनों ने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ के जनजाति समाज की सभ्यता एवं संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास किया जाए। वनांचल में योग ध्यान केन्द्र स्थापित करने, लोगों को अध्यात्म से जोड़ने जैसे विषयों को दस्तावेज में शामिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिकल्पना को साकार करने में राज्य की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार दस्तावेज आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन@2047‘ जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी विजन डॉक्यूमेंट जनता के समक्ष रखेंगे।
राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन@2047‘‘ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रारंभ किया जा चुका है। इसके लिए आठ वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। लगातार बैठकें आयोजित कर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग द्वारा वेब-पोर्टल ‘‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़‘‘ लिंक भी तैयार किया गया है।




