
शिवरीनारायण – जगद्गुरु रामभद्राचार्य के समक्ष छत्तीसगढ़ी में दार्शनिक गीत चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा गाकर युवा गायक निलेश ने मन मोह लिया। उन्हें सराहना व आशीर्वाद मिला। यह गीत मानव शरीर की नश्वरता और मृत्यु के शाश्वत सत्य को अत्यंत सुंदर ढंग से अभिव्यक्त करता है। प्रस्तुति के दौरान का दृश्य भावुक औरआध्यात्मिक था। निलेश ने आवाज में गहराई और भावनात्मकता से उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध होकर सुनते रह गए। यह गीत इस वीडियो के साथ वायरल हो रहा है। जिसे लाखों व्यू मिले हैं। गौरतलब है कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य इन दिनों तेंदुवा धाम कुरियारी, शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम में 27 अप्रैल से 5 मई तक रामकथा का वाचन कर रहे हैं। इस आयोजन का संचालन आश्रम के संस्थापक डॉ. अशोक हरिवंश द्वारा किया जा रहा है। यह प्रस्तुति न केवल एक सांगीतिक कार्यक्रम रही, बल्कि आध्यात्मिक अनुभूति का भी अद्भुत उदाहरण बन गई, जिसने श्रोताओं के हृदय को गहराई से स्पर्श किया। प्रस्तुति के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य बीच-बीच में निलेश को आशीर्वाद देते हुए शाबाशी भी दे रहे थे। गीत की समाप्ति पर जगद्गुरु जी ने निलेश को आशीर्वाद स्वरूप सम्मान राशि भेंट की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पुराने लोक गीतों को नए अंदाज में गाकर बने युवाओं की पसंद
बता दें कि निलेश जोगी इन दिनों छत्तीसगढ़ी के पुराने लोकगीतों को नए अंदाज में सोशल मीडिया पर प्रस्तुत कर रहे हैं, जिन्हें लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। उनके अधिकांश गीतों पर लाखों व्यूज आ चुके हैं और वे तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। निलेश ने बचपन से ही संगीत की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में जाज्वल्यदेव संगीत विद्यालय के माध्यम से अन्य लोगों को भी संगीत सिखाने का कार्य कर रहे हैं।
रामकथा को सुनने दूर दूर से श्रोतागण पहुंच रहे हैं।



