इलाज के लिए भटके बुजुर्ग सरकारी अस्पतालों की लापरवाही से बिगड़ी हालत – जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग


( डोमार साहू गिधपुरी) सरकारी अस्पतालों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बम्हनी ग्राम पंचायत के निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग सराधू राम घृतलहरे, पिता कार्तिक राम, बीते 15 दिनों से अपने घायल हाथ के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लगी।सूत्रों के अनुसार, सराधू राम को हाथ में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद वे प्राथमिक उपचार के लिए PHC ओड़ान पहुंचे। लेकिन वहां न तो उनका इलाज हुआ और न ही किसी डॉक्टर ने जांच की। उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि इलाज के लिए CHC पलारी जाएं। जब वे पलारी पहुंचे, तो वहां भी उन्हें सिर्फ टाल-मटोल कर चलता कर दिया गया। इलाज के अभाव में अब उनके हाथ में इन्फेक्शन फैल चुका है, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ गई है। यह मामला सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था और गैरजिम्मेदार स्टाफ की लापरवाही को उजागर करता है। गांववालों और परिजनों की मांग है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मरीज को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।




