सारागांव में नागलीला व मड़ई मेला शुरू

लोकनाथ साहू (जांजगीर चांपा)
शक्ति जिला के सारागाव में नागलीला एवं भव्य मड़ई मेला का आयोजन किया गया है। नाग लीला के पहले सारागांव में भगवान श्री कृष्ण की झांकी निकाली गई । जो नगर भ्रमण करते शंकरबध तालाब तक पहुंची और तालाब में नाव बनाकर नाग लीला का महोत्सव मनाया गया ।
यहां नागलीला मड़ाई मेला मनाने की पुरानी परंपरा है गांव वासी इस मेले का बेसब्री से इंतजार करते रहते हैं।
मड़ई देवता की पूजा करतें हुए शंकर बंद तलाब में नौका विहार व नाग लीला की प्रस्तुति ग्रामीणों द्वारा दी गई इस बीच ग्राम के समस्त गणमान्यजन भारी संख्या में उपस्थित थे। पूरा नगर रोशनियों से खुशियों की उमंग से सराबोर हो गया था ।
आयोजक समिति के द्वारा बताया गया की हर वर्ष साल के नवंबर , दिसंबर माह में नाग लीला व मड़ाई का आयोजन नगर में होता है और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से लोग इस भव्य मड़ाई का आनंद लेने पहुंचते हैं । इस महोत्सव को सफल बनाने में युवा कार्यकर्ता बंधु भुवनेश्वर राठौर , हिमेन वस्त्रकार , मंयक पांडे , अशोक श्रीवास , अमरनाथ शुक्ला एवं समस्त नगरवासी अंतिम क्षणों तक लगे हुए थे।
यहां मेले को एक प्रमुख त्योहार माना जाता है। मड़ई त्यौहार लोगों के जीवन को खुशियों से भर देता है। यह त्यौहार न सिर्फ मजेदार और मनमोहक है बल्कि यह राज्य की समृद्ध परंपरा और संस्कृति को भी दर्शाता है। सर्व जनजाति संबंधित लोग इस त्यौहार को काफी उत्साह और आनंद के साथ मनाते हैं। मड़ाई मेला का यह त्यौहार दिसंबर से मार्च के महीने तक मनाया जाता है। इस मेला के त्योहार पर विभिन्न जनजातियों के लोग अपने घरों से बाहर एक बड़े खुले मैदान में इकट्ठे होते हैं इन मेलों से दूर दराज से व्यापारी आते हैं सस्ते दामो में लोगों को अपने सामान बेचते हैं । मढ़ई मेला में बहुत सारी दुकानें लगती है बच्चे और बड़ों के लिए झूले मिठाइयों की दुकान कपड़ों दुकान इत्यादि। गांव के मेले में आसपास से लोग आते हैं अपने भोजन के साथ-साथ इस उत्सव के उत्साह के हर एक क्षण का आनंद लेते हैं .









