
(गिधपुरी भरूवाडीह) ग्राम भरूवाडीह में विगत 54 वर्ष से चले आ रहे दशहरा का त्योहार पूरे जोश और उत्साह के साथ इस साल भी बड़ी धूम धाम से मनाया गया। स्थानीय लोगों ने भगवान राम की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया, जिसमें रामलीला, रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आस पास लोग देखने के लिये शामिल हुआ
रामलीला: दशहरे से पहले, स्थानीय कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया, जिसमें भगवान राम की कहानी और रावण पर उनकी जीत का विस्तृत वर्णन किया गया।
रावण दहन: विजयादशमी के शुभ अवसर पर, रावण के पुतले का दहन किया गया, जो बुराई के अंत और अच्छे की विजय का प्रतीक है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: उत्सव के हिस्से के रूप में, विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें पारंपरिक नृत्य और संगीत शामिल थे, जिसने उत्सव में रंग भर दिए।
सामुदायिक भागीदारी: सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उत्सव में सामुदायिक भावना और एकता का माहौल बना।
उत्सव का महत्व
यह पर्व भगवान राम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। इस त्योहार ने न केवल पारंपरिक भक्ति और उत्सव को बढ़ावा दिया, बल्कि समुदाय के सदस्यों को एक साथ आने और जश्न मनाने का अवसर भी दिया।



