ताराशिव-लाटूवा मार्ग जर्जर स्वीकृती के बाद भी निर्माण कार्य ठन्डे बस्ते मे


( रॉकी साहू ) बलौदाबाजार जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम ताराशिव से लाटूवा तक का मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है डमरू क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए आवागमन का मुख्य साधन बनी यह सड़क अब दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुकी है विडंबना यह है कि इस मार्ग के निर्माण हेतु सम्भवतः स्वीकृति के बाद भी विभागीय उदासीनता के कारण यह निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में नजर आ रही है
ग्राम ताराशिव से ग्राम लाटूवा के बीच की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है सड़क पर डामर का नामोनिशान नहीं बचा है, वही ग्राम डमरू मे बड़े-बड़े गड्ढे इस मार्ग की पहचान बन गए हैं बारिश के दिनों में यह मार्ग कीचड़ से लबालब हो जाता है, वहीं सूखे मौसम में उड़ती धूल ने ग्रामीणों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है। दुपहिया वाहन चालकों के लिए तो इस सड़क पर चलना किसी जोखिम से कम नहीं है।
विश्वसनीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग के नवीनीकरण और निर्माण के लिए शासन स्तर पर राशि प्रस्तावित की गई थी। इसके बावजूद कई महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्वीकृत राशि जाने के बाद भी फाइल आगे क्यों नहीं बढ़ रही है और इस लोकहित के काम को ठंडे बस्ते में क्यों डाल दिया गया है
विदित हो की सड़क की खराब हालत का सबसे बुरा असर मरीजों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस का गांव मे पहुंचना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने की वजह से सफर में दोगुना समय लगता है
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन से मांग की जा रही है कि यदि रोड निर्माण हेतु स्वीकृती मिल गईं है तो सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।






