ग्राम पंचायत वटगन में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन, पांचवें दिवस वामन, राम व श्रीकृष्ण अवतार की दिव्य कथा का हुआ वर्णन


डोमार साहू ( गिधपुरी)ग्राम पंचायत वटगन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के अंतर्गत गुरुवार को कथा का पांचवां दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वृंदावन धाम से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री श्री 108 उत्कृष्ट शुक्ला जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान के विभिन्न अवतारों की भावपूर्ण कथाओं का रसपान कराया।
कथा के पांचवें दिवस पंडित श्री शुक्ला जी महाराज ने सर्वप्रथम भगवान वामन अवतार की कथा का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि के अहंकार का नाश किया और भक्तों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में अवतार ले सकते हैं।
इसके पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अवतार की कथा सुनाई गई। कथा वाचक ने श्रीराम के आदर्श जीवन, सत्य, धर्म, कर्तव्य और त्याग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान राम का जीवन मानव समाज के लिए एक आदर्श है, जिससे हमें जीवन में मर्यादा और संयम का पालन करना चाहिए।
कथा के दौरान मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण अवतार एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव रहा। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म की कथा प्रारंभ हुई, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया, झांकियां सजाई गईं और फूलों की वर्षा कर बाल गोपाल का स्वागत किया गया।
पंडित श्री उत्कृष्ट शुक्ला जी महाराज ने श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं, माखन चोरी, पूतना वध और कंस के अत्याचारों का वर्णन करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण केवल भगवान ही नहीं बल्कि प्रेम, करुणा और भक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीकृष्ण भक्ति ही मानव जीवन के उद्धार का सबसे सरल मार्ग है।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत वटगन सहित आसपास के गांवों से श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु कथा श्रवण कर भावविभोर होते नजर आए।
आयोजक मंडल द्वारा कथा वाचक का सम्मान किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। ग्रामवासियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों का विकास होता है।
श्रीमद् भागवत कथा का यह आयोजन आगामी दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें भगवान की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया जाएगा।







