

शनिवार की देर रात तेंदुए ने घर में सो रही एक वृद्धा महिला का शिकार कर लिया रविवार सुबह वृद्धा के कमरे का दरवाजा टूटा और उसे गायब देख परिजन घबरा गए दरवाजे के पास उसकी साड़ी पड़ी हुई थी वही चारों तरफ खून के धब्बे और तेंदुए के पगचिन्ह के निशान थे तलाश करने पर घर से करीब 100 मीटर दूर पहाड़ी पर वृद्धा का क्षत विक्षत शव मिला मामला कांकेर जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर चनार गांव का है नरहरपुर वन परिक्षेत्र का है जहाँ 75 वर्षीय राजिम बाई रोजाना की तरह अपने कच्चे मकान में सोई हुई थी। परिजन दूसरे कमरे में सोए हुए थे

जब उठे तो राजिम बाई के कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था और वह लापता थी महिला घर में नहीं दिखी तब उनके बेटे ने खोजबीन शुरू की खून के धब्बे के निशान को देखते हुए जब महिला का बेटा पहाड़ी पर पहुंचा तो वहां महिला की क्षत विक्षत लाश पड़ी थी। जिसके बाद उसने गांव वालों के माध्यम से पुलिस और वन विभाग को सूचना दी है। पुलिस और फॉरेस्ट की टीम मौके पर पहुंच गई है और महिला के शव का पोस्टमार्टम गांव में ही करवाया गया जिसके बाद महिला के शव को परिजनों को सौंप दिया गया

वहां फैले खून के निशान को देखते हुए बेटा जब पास की पहाड़ी पर पहुंचा तो वहां राजिम बाई का क्षत-विक्षत शव पड़ा था सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गांव में ही मृतका का पोस्टमार्टम करवाया गया वही नरहरपुर रेंज के रेंजर शंकर दास ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी लंबे समय से है, जिसे पकड़ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए जायेंगे और उसे दूर जंगल में छोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला के परिवार को 6 लाख रुपए की सहायता राशि वन विभाग की तरफ से दी जाएगी। इसके पहले भी 3 महीने पहले अमोडा गांव में तेंदुआ के हमले से महिला की मौत हुई थी वहीं पुलिस विभाग और वन विभाग की पूरी टीम इस घटना की जांच में जुट गई है


