भक्ति और श्रद्धा के संगम से सराबोर हुआ डमरू पं. प्रीतम पाण्डेय ने सुनाया ध्रुव चरित्र और वामन अवतार का प्रसंग

( रॉकी साहू लवन ) ग्राम डमरू में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आस्था ग्राम संगठन द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा कथा वाचक पंडित प्रीतम पाण्डेय ने अपनी ओजस्वी और अमृतमयी वाणी से भागवत महिमा का बखान करते हुए भक्तों को भावविभोर कर दिया कथा के तीसरे दिन पंडित जी ने ध्रुव चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बालक ध्रुव ने अपनी सौतेली माता के कटु वचनों से आहत होकर मात्र पांच वर्ष की आयु में कठोर तपस्या की और भगवान विष्णु को प्रसन्न किया पं. पाण्डेय ने कहा कि अटल विश्वास और अटूट श्रद्धा हो तो ईश्वर को भी झुकना पड़ता है ध्रुव की भक्ति हमें यह सिखाती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है कथा के अगले चरण में वामन अवतार के प्रसंग ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महाराज बलि के अहंकार को तोड़ने और देवताओं के कल्याण के लिए भगवान विष्णु द्वारा धारण किए गए वामन रूप की कथा सुनाई गई। जब भगवान ने तीन पग में पूरी सृष्टि को नाप लिया तो श्रद्धालुओं ने जयकारों से पंडाल गुंजायमान कर दिया। कथा के दौरान झांकियों के माध्यम से भगवान के अवतारों का सजीव चित्रण भी किया गया जिसे देख भक्त भावुक हो उठे आयोजन समिति ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से प्रभु इच्छा तक अनवरत चल रही है। कथा में डमरू सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।



