धीवर समाज ने लिया कुरीतियों को त्यागने का संकल्प, मृत्यु भोज एवं मांसाहार और नशापान पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध

( रॉकी साहू लवन ) धीवर समाज लवन राज पलारी की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक गत दिवस संपन्न हुई बैठक में समाज सुधार की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया गया। सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों में मृत्यु भोज,नशापान और फिजूलखर्ची पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं बैठक में निर्णय लिया गया कि मृत्यु के बाद होने वाले बिस्सर भात की परंपरा को केवल प्रसाद तक सीमित रखा जाएगा और इसमें मांसाहारी भोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा इसके साथ ही समाज के किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या व्यक्तिगत आयोजनों जैसे जन्मोत्सव, बरही, दशगात्र में नशापान और मद्यपान पर रोक लगा दी गई है।
वही समाज ने आर्थिक बोझ कम करने के लिए कफन प्रथा को केवल परिवार तक सीमित कर दिया है। अब बाहरी स्वजातीय बंधु कफन के स्थान पर आर्थिक सहयोग करेंगे सगाई की रस्म को भी पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है वहीं मांगलिक कार्यों में साड़ी-गमछा के लेनदेन की जगह अब उपयोगी वस्तुएं या नगद राशि देने की नई परंपरा शुरू की जाएगी समाज ने प्रगतिशील कदम उठाते हुए विधवा विवाह का पुरजोर समर्थन किया है। विधवा स्त्री को पत्नी के रूप में अपनाने वाले व्यक्ति को समाज द्वारा सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा साथ ही दशगात्र के समय विधवा महिलाओं को तालाब में साड़ियों से ढंकने की अनिवार्य प्रथा को समाप्त कर इसे केवल नजदीकी परिजनों तक सीमित कर दिया गया है।धर्म परिवर्तन करने वालों को समाज से कोई सहयोग नहीं मिलेगा।
आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास जयंती और 28 सितंबर को रानी रासमणी धीवर की जयंती सार्वजनिक रूप से मनाई जाएगी इस बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष मोतीराम फेकर, सचिव दिनेश कुमार धीवर, कोषाध्यक्ष काशी राम धीवर, संरक्षक जागेश्वर प्रसाद धीवर और उपाध्यक्ष विष्णु कुमार धीवर उपस्थित थे। महिला प्रकोष्ठ से श्रीमती ममता फेकर व श्रीमती सेवती धीवर सहित कार्यकारिणी सदस्य दिनेश फेकर, ओम प्रकाश, मोतीलाल, रामभरोस, हेम कुमार, कृष्ण कुमार, सुंदर फेकर व ठाकुर राम फेकर मौजूद रहे






