
राकी साहू लवन -पांच दिवसीय संत समागम समारोह का आयोजन त्रिवेणी संगम चंगोरीपुरी धाम में 18 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है । प्रतिवर्ष लगने वाले इस मेले में दूर-दूर से संत महात्मा सेवक सती यति सन्यासी पधार कर सदगुरु कबीर साहब के ज्ञानवाणी की अमृत वर्षा करते हैं। यह पूरे अंचल का बहुत ही विख्यात मिला है जो लगभग 50 वर्षों से अनवरत चल आ रहा है। ज्ञात हो की यह स्थल भौगोलिक रूप से तीन नदियों लीलगर नदी महानदी और शिवनाथ नदी का संगम स्थल है इसके साथ ही यह तीन जिलों जांजगीर-चांपा, बिलासपुर तथा बलोदा बाजार सहित तीन विकासखंडों मस्तूरी ,बलोदा बाजार एवं पामगढ़ का भी संगम स्थल है ।इस प्रकार यह स्थान त्रिवेणी की त्रिवेणी कहलाती है , परंतु अभी तक शासन की उदासीनता के कारण यह स्थल काफी अपेक्षित रहा है । विगत 5 वर्षों से इस मेले में हवाई झूला ब्रेक डांस झूला म्यूजिकल ट्रेन सहित अन्य मनोरंजन के साधन आने से मेले की रौनकता बढ़ गई है। इस मेले को लेकर आसपास के सभी क्षेत्रवासी काफी उत्साहित रहते हैं । इस मेले की संपूर्ण तैयारी कर ली गई है।
पहुँचमार्ग बना सिरदर्द
चांगोरीपुरी मेला स्थल पहुंचने का एकमात्र मार्ग अपनी बदहाली पर इस कदर आंसू बहा रहा है की लगातार समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी शासन प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया या कार्यवाही नजर नहीं आ रही है, जिस कारण यह पहुंच मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों और पत्थरों से अटा पड़ा है । इस मार्ग पर रेत परिवहन के लिए भारी वाहनों का धड़ल्ले से आवागमन होना आम बात है।



