
जांजगीर चांपा – जिला मुख्यालय जांजगीर के चांपा मुख्य मार्ग में स्थित सिंचाई विभाग के संकरे नहर पुल की चौड़ाई तत्कालीन कलेक्टर की पहल पर तो बढ़ा दी गई, मगर दो साल बाद भी पुल के ऊपर डामर डालकर समतल नहीं किया गया है जिसके चलते कई बार बाइक चालक गिरकर घायल हो जाते हैं।
वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क से पुल के बीच आठ से दस इंच का अंतराल है।
यातायात का दबाव
पुराने पुल की चौड़ाई साढ़े सात मीटर थी। दोनों तरफ चौड़ाई बढ़ने से चौड़ाई साढ़े 17 मीटर हो गई। इस कार्य के लिए डीएमएफ मद से 66 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी। दरअसल यातायात का दबाव मुख्य मार्ग पर बढ़ने से नहर पुल पर आये दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति भी निर्मित होती थी। शहर में जब कोई उत्सव आयोजन या परीक्षा होती थी तो यह समस्या और भी विकराल हो जाती थी। नहर पुल के चारों तरफ कालोनी सहित विभिन्न स्थानों में जाने के लिए सड़के होने की वजह से भी यातायात का दबाव बना रहता था।
आमनागरिकों सहित जनप्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखी
इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर सिन्हा के समक्ष भी आमनागरिकों सहित जनप्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखी थी। कलेक्टर ने इस समस्या को जल्द ही दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित अन्य कार्य एजेंसियों से चर्चा कर निर्देश दिए थे। इसके बाद अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा और पुल के दोनों ओर पांच – पांच मीटर चौड़ाई बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। जिसके बाद नहर पुल की चौड़ाई तो बढ़ा दी गई मगर इसके बाद भी राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी दूर नहीं हुई। नहर पुल की चौड़ाई बढ़ाए जाने के बाद उसे उसी स्थिति में अधूरा छोड़ दिया गया। एनएच के अधिकारियों ने पुल के दोनों ओर डामरीकरण करने ध्यान नहीं दिया।
अधूरे पुल के ऊपर से ही गुजरते हैं अधिकारी
इस बीच कलेक्टर सिन्हा का स्थानांतरण हो गया और यहां उनके स्थान पर नई कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी आई। उन्होंने जिस तरह शहर का स्वरूप बदलने के लिए कार्य किया तो ऐसा लगा कि पुल के अधूरे सड़क की मरम्मत भी हो जाएगी। मगर इस पर उनकी भी नजर नहीं पड़ी। दो साल में दो कलेक्टर बदल गए मगर पुल आज भी उसी स्थिति में अधूरा पड़ा हुआ है। डामरीकरण कराने की जरूरत किसी ने नहीं समझी। जबकि जनप्रतिनिधि सहित जिला प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारी इसी पुल के ऊपर से हमेशा गुजरते हैं।
नेशनल हाइवे और लोक निर्माण विभाग ने झाड़ा पल्ला
बीटीआई चौक से आगे नहर पुल के चौड़ीकरण का काम होने के बाद पुल के दोनों ओर पांच – पांच मीटर की चौड़ाई बढ़ गई है। चौड़ाई बढ़ने के बाद नेशनल हाइवे को नहर पुल के आठ से दस इंच के अंतराल को दूर करने के लिए डामरीकरण कराना था मगर एनएच के अधिकारियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि यह उनके अंडर में नहीं है। जबकि लोक निर्माण विभाग के एसडीओ का कहना है कि वन टाइम सेटलमेंट के बाद मरम्मत का काम नेशनल हाइवे का ही है। उन्होंने अभी हैंडओवर नहीं लिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जिसके कारण दो साल से यह अधूरा ही पड़ा हुआ है।
संवाददाता _ लोकनाथ साहू / मनमोहन



