
( रॉकी साहू लवन ) छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी और पवित्र महानदी का क्षेत्र अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है वही लवन-कसडोल मेन रोड स्थित डोंगरीडीह महानदी का यह पावन तट सदियों से आस्था परंपरा और संस्कारों का मुख्य केंद्र रहा है बावजूद इसके विडंबना यह है कि आधुनिकता और विकास के इस दौर में भी यह नदी बुनियादी सुविधाओं विशेषकर एक व्यवस्थित पक्के स्नान घाट के लिए तरस रहा है इस मुख्य मार्ग से लगी महानदी के तट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दूर-दराज के ग्रामीण और शहरी इलाकों से पहुंचते हैं स्थिति यह है कि यहाँ केवल सामान्य दिनों में ही नहीं बल्कि विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भारी भीड़ उमड़ती है
नदी के किनारे सदियों से पारंपरिक रूप से नदी किनारे शव दाह एवं अंतिम संस्कार करने की प्रथा चली आ रही है इसके अलावा अपने परिजनों की अस्थि विसर्जन के लिए भी बहुत से लोग इसी तट का सहारा लेते हैं प्रतिवर्ष विभिन्न पूर्णिमा के अवसरों और मेलों के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ आस्था की डुबकी लगाने आते हैं वही गणेशोत्सव दुर्गा विसर्जन और अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान क्षेत्र की बड़ी मूर्तियों के विसर्जन का मुख्य केंद्र यही डोंगरीडीह महानदी तट है विदित हो की एक भी पक्का घाट न होने के कारण यहाँ आने वाले आम नागरिकों महिलाओं बुजुर्गों और शोक संतप्त परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है वही बारिश के दिनों में या नदी का जलस्तर बढ़ने पर कीचड़ फिसलन और झाड़ियों के बीच लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर रस्मों को पूरा करना पड़ता है इसके आलावा महिलाओं के लिए स्नान करने हेतु किसी भी प्रकार की सुरक्षित व्यवस्था का पूर्ण अभाव है स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि महानदी के दोनों ओर घाट निर्माण की यह मांग कोई नया नहीं है पिछले कई दशकों से राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि चुनाव के समय यहाँ घाट बनवाने के बड़े-बड़े वादे करते आए हैं कई सरकारें आईं और चली गईं लेकिन महानदी के इस महत्वपूर्ण तट की सुधि किसी ने नहीं ली क्षेत्रवासियों और स्थानीय बुद्धजीवियों ने एक बार फिर से वर्तमान प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया है लोगों का मानना है कि यदि इस बार शासन स्तर पर ठोस पहल की जाए तो महानदी के इस तट पर एक भव्य और आधुनिक घाट का निर्माण हो सकता है जिससे न केवल क्षेत्र की धार्मिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा बल्कि यहाँ आने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी क्षेत्र की जनता ने पुरजोर मांग की है कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर त्वरित संज्ञान लेते हुए महानदी तट पर जल्द से जल्द घाट निर्माण का कार्य शुरू किया जाए





