लवन

जवाहर नवोदय विद्यालय लवन में मनाया गया राज्य स्थापना दिवस

लवन – पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय लवन में धूमधाम से कर्नाटक एवं छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस को मनाया गया। विद्यालय की प्राचार्या बी गिरिजा के निर्देशन एवं कन्नड़ भाषा शिक्षक राघवेन्द्र सोनार के मार्गदर्शन तथा कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राओं के प्रयास से इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक किया।
विद्यालय के कन्नड़ भाषा शिक्षक राघवेन्द्र सोनार ने बताया कि 1 नवम्बर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत एक नए राज्य मैसूर का गठन हुआ जिसका नाम बदल कर 1973 में कर्नाटक किया गया एवं सन् 1 नवम्बर 2000 को तत्कालीन मध्य प्रदेश से पृथक होकर छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन राघवेंद्र सोनार के प्रयासो से सफल हुआ। सोनार ने इसके लिए कर्नाटक एवं छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति एवं भौगोलिक परिस्थितियों का व्यापक संगम तैयार करके कक्षा-9वीं के छात्र-छात्राओं के माध्यम से इसे मूर्त रूप दिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या बी गिरिजा एवं वरिष्ठ शिक्षकों मंदोदरी सेठ, गोवर्धन प्रसाद साहू, सत्येन्द्र कुमार पाण्डेय, राजेन्द्र सिका, प्रशान्त गायकवाड़, कृष्णकुमार राकेश सिंह एवं समस्त शिक्षकों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कक्षा 9वीं की छात्रा प्राची पाण्डेय एवं ऋषिका आर ने कार्यक्रम के लिए मंच संचालन का कार्य किया। दोनों ही छात्राओं ने
कंमशः हिन्दी और कन्नड़ भाषा में मंच संचालन कर हिन्दी कन्नड़ भाषा के संगम का अद्भुत परिचय दिया। कक्षा-9वीं की छात्रा सिमरन बांधे ने अपने कन्नड़ अभिभाषण में बताया कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा 1956 में कर्नाटक राज्य का गठन मैसूर राज्य के नाम से हुआ था और बाद में 1973 में उसका नाम बदल कर कर्नाटक राज्य रखा गया.

कर्मा गीत प्रस्तुत किया
कक्षा 6 वीं के छात्रों द्वारा छत्तीसगढ के पारम्परिक गीत कर्मा पर अद्भुत नृत्य किया तथा कक्षा 7 वीं के छात्र-छात्राओं द्वारा चलूवीन मुद्दीना मक्कले गीत प्रस्तुत किया गया। 8वीं के छात्र त्रियांश वैष्णव ने छत्तीसगढ़ के लोक गीत ‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी प्रस्तुत किया। पूरब साहू ने छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’ को सिंथसाइजर के माध्यम से प्रस्तुत किया तथा कक्षा 9वीं की छात्राओं ने कन्नड़म्मन हरके गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अन्त मे विद्यालय की प्राचार्या बी गिरिजा ने अपने आर्शीवचन दिए तथा वरिष्ठ शिक्षिका मंदोदरी सेठ ने धन्यवाद ज्ञापन कर समापन की घोषणा की।

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