दर्शनीय स्थल पीथमपुर में हो रही रेतों की अवैध खनन शासकीय विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायत बेसुध आख़िर क्यों

जांजगीर चांपा (शक्ति) :- जांजगीर चांपा जिले की जीवनदायनी कही जानी वाली हसदेव नदी का सीना इन दिनों रेत माफिया छलनी करने में लगे है. हसदेव नदी में रोजाना रेत का अवैध तरीके से खनन का खेल लगातार जारी है. नदियों में अवैध रूप से चल रहे रेत उत्खनन कार्य से जहां शासन को लाखों रुपए के रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है. इसके साथ ही नदियों के अस्तित्व पर संकट भी गहराता जा रहा है।
इस बीच जांजगीर चांपा जिले के ग्राम पंचायत पिथमपुर व हथनेवरा के मध्य बहनें वाली जीवनदायिनी नदी हसदेव नदी को रेत माफियाओं द्वारा लगातार खनन किया जा रहा है। अवैध खनन की सिलिसला इस कदर बढ़ गई है की अब नदी में जल के स्थान पर ट्रेक्टरों का जमावड़ा ज्यादा दिख रहा है और लगातार रेतों का अवैध दोहन किया जा रहा है।

शासकीय विभाग तो इन तक पहुंचे में नाकाम ही है !
किंतु ग्राम पंचायत पीथमपुर जिसे कालेश्वरनाथ के मंदिर के वज़ह से दूर-दूर तक प्रसिद्ध है जहां आये दिन दर्शन हेतु अनेकों श्रद्धालुओं का आगमन होता है एक प्रकार से आस-पास के क्षेत्रों में यह बड़ा पर्यटन व दर्शनीय स्थल हैं शिवरात्री के वक्त भव्य मेला का भी आयोजन होता है पर यहां ऐसी स्थिति है इन अवैध रेत खनन कर रहे माफियाओं की वज़ह से वातावरण अस्वच्छ व नदी खोखली होती जा रही है और मंदिर परिसर के आसपास सौंदर्यीकरण घटती जा रही है पर ग्राम पंचायत पीथमपुर इस मसलें को नजरंदाज करतें हुए खामोश बैठे हुए हैं , इस मसलें पर ग्राम पंचायत को सख्त कार्यवाही करनी है शासकीय विभाग में इसकी शिकायत करनी चाहिए अन्यथा इस दर्शनीय स्थल पर शासकीय स्तर पर कुछ सुनवाई नहीं होती है तो ग्रामीणों को एक साथ इस गंभीर मुद्दे का विरोध प्रदर्शन करना चाहिए जिससे रेत माफियाओं का अक्ल ठिकाने आ जाए ।
संवाददाता – लोकनाथ साहू / मनमोहन




