
( रॉकी साहू लवन ) आस्था ग्राम संगठन एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथावाचक पंडित प्रीतम पाण्डेय की ओजस्वी और अमृतमयी वाणी ने श्रोताओं को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। चौथे दिन की कथा का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण जन्मोत्सव रहा जिसे सुनकर भक्त भावविभोर हो गए।कथा के चौथे दिन पंडित प्रीतम पाण्डेय ने भागवत महिमा का बखान करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के गूढ़ रहस्यों को समझाया। जैसे ही कथा में भगवान के जन्म का प्रसंग आया पूरा पंडाल नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा श्रद्धालुओं ने नृत्य और फूलों की वर्षा कर अपनी खुशी का इजहार किया।पंडित जी ने श्रीकृष्ण जन्म विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब धरती पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते हैं। भगवान का जन्म केवल कंस वध के लिए नहीं बल्कि प्रेम और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था।आयोजन समिति ने जानकारी दी कि श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से प्रभु इच्छा तक अनवरत संचालित की जा रही है इस धार्मिक अनुष्ठान में केवल डमरू ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।



