

डोमार साहू, गिधपुरी (भरूवाडीह)। विकास के दावों के बीच ग्राम भरूवाडीह की शासकीय प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला दयनीय हालात में संचालित हो रही है। जर्जर भवन दलदल बना परिसर और बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी ने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं स्कूल का वर्तमान भवन इतना जर्जर हो चुका है कि छत से पानी टपकता है दीवारों में दरारें आ गई हैं और बारिश के दौरान परिसर दलदल में तब्दील हो जाता है स्कूल परिसर में समतलीकरण न होने के कारण मामूली बारिश में ही जलभराव हो जाता है। नाली निर्माण न होने से गंदा पानी जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और बच्चों को डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।
शिक्षकों और ग्रामीणों ने जताई चिंता
विद्यालय में कार्यरत शिक्षक एवं ग्रामीणों – चेतन साहू, गोविंद निषाद और घना राम साहू ने बताया कि स्कूल परिसर की हालत सुधारने के लिए कई बार सरपंच एवं पंचायत को अवगत कराया गया है। अहाता निर्माण समतलीकरण एवं नाली जैसी बुनियादी मांगों को बार-बार दोहराया गया परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा पर संकट
स्कूल के आसपास खुले क्षेत्र में आवारा पशुओं की आवाजाही आम बात हो गई है। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अभिभावक भी अपने बच्चों को ऐसी स्थिति में स्कूल भेजने से हिचकिचा रहे हैं।
ग्रामीणों ने दी चेतावनी – नहीं मिला समाधान तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में शिक्षा नहीं मिलती तब तक शिक्षा में सुधार की बातें बेमानी हैं। उन्होंने चेताया है कि यदि शीघ्र ही विद्यालय की स्थिति को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई तो वे मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
मांग – जल्द बने नया भवन मिले मूलभूत सुविधाएं
ग्रामवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक शाला भरूवाडीह के लिए नया भवन जल्द स्वीकृत हो परिसर का समतलीकरण कराया जाए नाली और चारदीवारी का निर्माण हो और बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में पढ़ाई का अधिकार मिले।





