
तीन वर्षों से बंद पड़ा भवन असामाजिक तत्वों का अड्डा बना
( संवाददाता रॉकी साहू लवन )नगर पंचायत लवन में शासन द्वारा करीब 76 लाख रुपये की लागत से नव निर्मित मंगल भवन बनकर पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद भी नगरवासियों के उपयोग से वंचित है। बाउंड्रीवॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च मिलाकर इसकी लागत करोड़ों में पहुंच चुकी है, लेकिन इसके बावजूद यह भवन उपेक्षा और अनदेखी के चलते अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है
गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को नहीं मिल रहा लाभ
नगर के गरीब असहाय एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को शादी-विवाह, तेरहवीं और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भवन की अत्यधिक आवश्यकता रहती है। लेकिन मंगल भवन का उपयोग नहीं हो पाने से उन्हें निजी स्थानों या महंगे हॉल की ओर रुख करना पड़ रहा है जिससे आर्थिक बोझ और असुविधा दोनों झेलनी पड़ रही है।
भवन में तोड़फोड़ असामाजिक तत्वों का डेरा
स्थानीय लोगों की मानें तो बंद पड़े मंगल भवन की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। भवन के खिड़की-शीशे, दरवाजे, शौचालय, बाथरूम, बिजली बोर्ड, पंखे और टाइल्स क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। भवन में दिन-रात असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है जिससे आस-पास के लोगों में भय का माहौल बना रहता है वही थानीय नागरिकों की मांग है कि शासन और प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और मंगल भवन को शीघ्र चालू कर नगरवासियों के लिए सुलभ बनाएं। साथ ही भवन की मरम्मत एवं सुरक्षा की व्यवस्था कर इसे फिर से उपयोग में लाया जाए ताकि यह बहुप्रतीक्षित योजना सफल हो सके और जनता को इसका वास्तविक लाभ मिल सके
इस संबंध मे नगर पंचायत अध्यक्ष शिव मंगल सिंह चौहान से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन पूर्व हम सभी जन प्रतिनिधि पार्षदगण द्वारा बैठक में निर्णय लिया गया कि मंगल भवन के टूट फुट को रिपेयर कराकर जल्द से जल्द नगरवासियों को सौपेंगे
पूर्व पार्षद अजय ताम्रकार से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि बहुत दिन हो गए हैं मंगल भवन बनकर तैयार है अभी कई जगह जर्जर स्थिति में है इसे नगर पंचायत द्वारा मरम्मत कराकर जल्द से जल्द नगरवासियों को प्रदान किया जाए







