
डोमार साहू ( गिधपुरी) गिधपुरी स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 4 में स्तनपान दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण और स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर और उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उपस्थित माताओं और गर्भवती महिलाओं को स्तनपान से जुड़ी महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक जानकारियाँ साझा की गईं। कार्यकर्ता ने महिलाओं को शिशु को सही तरीके से पकड़ने (होल्ड करने) और स्तनपान कराने की सही मुद्रा (पोजीशन) के बारे में विस्तार से समझाया।
पहला आहार खीस का महत्व
जन्म के तुरंत बाद, पहले घंटे के भीतर माँ का गाढ़ा पीला दूध खीस/कोलस्ट्रम पिलाने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। यह दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करता है। 6 महीने तक केवल स्तनपान: शिशु के शुरुआती 6 महीने तक केवल और केवल माँ का दूध ही पिलाने की सलाह दी गई। इस अवधि में बच्चे को पानी की भी आवश्यकता नहीं होती है। माताओं का आहार और स्वास्थ्य: स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने स्वयं के खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि बच्चे का उचित पोषण सुनिश्चित हो सके।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं के मन में स्तनपान से जुड़ी पुरानी भ्रांतियों को दूर करना और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार लाना था।



