
बलौदाबाजार – जिले के बारनवापारा और सोनाखान वन क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए तकनीक का सहारा लिया है। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए ‘गज रक्षक ऐप’ का उपयोग किया जा रहा है। ऐप पर पंजीकृत ग्रामीणों को उनके आसपास हाथियों की मौजूदगी की सूचना मोबाइल अलर्ट के माध्यम से मिल सकेगी।
वन विभाग के अनुसार जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में इन दिनों हाथियों की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। सोनाखान सहित आसपास के जंगलों में करीब 30 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। कुछ हाथी झुंड से अलग होकर भी क्षेत्र में घूम रहे हैं। ऐसे में वन अमला और हाथी मित्र दल लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
समय रहते सावधान होंगे ग्रामीण
गज रक्षक ऐप के माध्यम से हाथियों की लोकेशन और गतिविधि से जुड़ी सूचना संबंधित ग्रामीणों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को समय रहते सतर्क होने और हाथियों के संभावित रास्ते से दूरी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से किसानों को खेतों में जाने से पहले आसपास की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
गांव-गांव पहुंचकर जागरूकता अभियान
वन विभाग की टीम के साथ हाथी मित्र दल भी प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है। लोगों को हाथियों के करीब नहीं जाने, उनके रास्ते में बाधा नहीं डालने तथा जंगल अथवा आसपास हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सावधानी बरतने की समझाइश दी जा रही है।
वन विभाग का उद्देश्य तकनीकी सूचना व्यवस्था और मैदानी निगरानी को साथ लेकर मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति को कम करना है। वहीं हाथियों के कारण फसल, मकान अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान होने पर शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजे का प्रावधान भी है।


