
मध्य प्रदेश के हरदा में मगरधा रोड किनारे बनी पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में अबतक 12 लोगों की जानें जा चुकी हैं। फैक्ट्री ब्लास्ट के एक दिन के बाद सामने आई तस्वीरों को देख आप ये अनुमान लगा सकते हैं कि हादसा कितना भीषण था।
एमपी सरकार ने इस घटना को लेकर तीन सदस्यीय जांच समिति का भी गठन किया है।
हरदा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के कारण 12 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और कई घायल हुए हैं। हरदा ब्लास्ट की वजह 2022 से शुरू होती है। हरदा के लोगों ने इस फैक्ट्री में बारूद के अवैध भंडारण और सेफ्टी के मानक पूरा न होने को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की थी। जनता के बढ़ते दबाव की वजह से जिला प्रशासन ने इस फैक्ट्री को 26 सितंबर 2022 में सील कर दिया। ऋषि गर्ग कलेक्टर थे। फैक्ट्री के मालिक राजेश अग्रवाल ने इस आदेश के विरोध में कमिश्नर माल सिंह बहेड़िया से अपील की। इसके बाद उसे स्टे मिल गया।
फैक्ट्री धमाका मामले में 3 गिरफ्तार
अग्रवाल परिवार में राजनीतिक रसूख रखने वाले व्यक्ति पटाखा फैक्ट्री के मालिक हैं. उनको साल 2017-18 में फैक्ट्री को फिर से खोलने के लिए हरदा जिला प्रशासन को प्रभावित करने की कोशिश के आरोपों का सामना करना पड़ा. हालांकि, इन कोशिशों को तत्कालीन जिला कलेक्टर ने फेल कर दिया, जिन्होंने राजनीतिक प्रभाव के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दी. फैक्ट्री में एक बार फिर से हुए विस्फोट के मामले में मालिक, राजेश अग्रवाल और सोमेश अग्रवाल समेत एक अन्य व्यक्ति रफीक खान को गिरफ्तार किया गया है.



