जांजगीर चंपा

शादी की थी तैयारी, बारात का था इंतजार, अचानक दूल्हे की जगह आ गये अफसर

जांजगीर चांपा :- छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिला सहित प्रदेश में अक्षय तृतीया के दिन को शादी और अन्य शुभ कार्य के लिए विशेष दिन माना गया है. इसी शुभ लग्न में नाबालिग युवती की शादी तय करना पालक को काफी महंगा पड़ गया.

परिवार और रिश्तेदारों को उस समय मायूस हाथ लगी जब शादी की खुशियां मायूसी में बदल गया. दरअसल, घर पर शादी की पूरी तैयारी हो गई थी. लोग बारात का इंतजार कर रहे थे. सभी रिश्तेदार शादी के जश्न में डूबे थे.

अकलतरा ब्लॉक के अकलतरी गांव की युवती की शादी मेंहदा गांव के युवक से तय हुई थी. लड़की नाबालिग थी. किसी शख्स ने नाबालिग लड़की की शादीकरने की शिकायक कलेक्टर से कर दी. फिर कलेक्टर के निर्देशन पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सयुंक्त टीम ने शादी वाले घर में दबिश दी.

प्रशासन ने रोकी शादी

अधिकारियों ने जब जांच की तो लड़की की शादी योग्य मानक उम्र सत्यापन के समय 3 महीने कम पाया गया. पालक और रिश्तेदार को समझाइश देकर शादी रोक दी गई. बता दें कि शासन के गाइड लाइन के अनुसार शादी की समय लड़की की उम्र 18 साल जबकि लड़का का उम्र 21 साल होनी चाहिए। प्रशासन लगातार लोगों को अपील करती रही है कि शासन के नियम अनुसार गाइडलाइन का पालन करें अन्यथा लड़की लड़का के माता-पिता और पुरोहित सहित कैटरिंग टेंट डीजे वालों के ऊपर 1 साल की कारावास या 1 लाख रुपये जुर्माना तक की सजा के प्रावधान हो सकते है.

संवाददाता _ लोकनाथ साहू / मनमोहन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button