

( रॉकी साहू लवन )नगर के प्रतिष्ठित माँ चंडी मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय अखंड नवधा रामायण समारोह का भव्य समापन 27 जनवरी को हुआ 19 जनवरी से निरंतर चल रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में भक्ति और अध्यात्म की अविरल धारा बही, जिसमें क्षेत्र सहित दूर-दराज की मानस मंडलियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समारोह के अंतिम दिन आयोजित मानस गान प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के कड़े मापदंडों के बीच ‘तुलसी के अचरा’ मानस मंडली (ग्राम खपरी-खैरा) ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और मधुर गायन की बदौलत प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें प्रदेश के विभिन्न कोनों से आई मंडलियों ने हिस्सा लिया। परिणाम इस प्रकार रहे:
प्रथम: तुलसी के अचरा मानस मंडली (ग्राम खपरी, खैरा)
द्वितीय: तुलसी के पूजा मानस मंडली (ग्राम धमतरी)
तृतीय: जय माँ शाकाँभरी मानस मंडली (फिंगेश्वर, गरियाबंद)
चतुर्थ: धात्री वैष्णव मानस परिवार (रायगढ़)
पंचम: जय भोले मानस परिवार (रिसदा)
छठवां: माँ शारदा मानस परिवार (नयापारा डमरू)
सातवां: विनीता मानस परिवार (बम्हनपूरी)
आठवां: तुलसी के बिरवा मानस मंडली (ग्राम पुटपुरा)
नौवां: जय माँ सरस्वती मानस परिवार (ग्राम सलोनी)
दसवां: जगत नंदनी मानस (ग्राम बहतारा)
ग्यारहवां: सूर्य प्रकाश मानस मंडली (ग्राम कोईदा)
भक्तिमय रहा माहौल
आयोजन समिति ने बताया कि इस नौ दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। माँ चंडी मंदिर के समीप रामायण की चौपाइयों और उनके आध्यात्मिक अर्थों की गूँज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। समापन अवसर पर विजेता मंडलियों को पुरस्कृत किया गया और सामूहिक भोज (भंडारा) के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। स्थानीय जनों ने इस आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों और प्रतिभागी मंडलियों की सराहना की।



