विषय: सेवानिवृत्त प्रधान पाठक का पर्यावरण के प्रति अनूठा समर्पण; वृक्षारोपण को बनाया जन-आंदोलन

लाहोद ।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मनुष्य का निस्वार्थ समर्पण ही प्रकृति के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, लाहोद में इसी सेवा-भाव और प्रकृति-प्रेम की एक अनुकरणीय गाथा देखने को मिली, जहाँ विद्यालय के पूर्व प्रधान पाठक तिलकराम वर्मा ने अपनी सेवानिवृत्ति के उपरांत भी विद्यालय के हरित परिवेश को संवारने का बीड़ा उठाया।
तिलकराम वर्मा, जो सदैव से ही प्रकृति प्रेमी रहे हैं, ने अपने सेवाकाल से लेकर आज सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वृक्षों के संरक्षण को अपना ध्येय बना रखा है। उन्होंने निजी संसाधनों का उपयोग करते हुए, ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से उपजाऊ मृदा का प्रबंध कर विद्यालय परिसर में लगे पौधों को नई संजीवनी प्रदान की। उनके द्वारा पूर्व में किए गए सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि आज विद्यालय प्रांगण में कुछ पीपल के वृक्ष अपनी गहन छाया के साथ लहलहा रहे हैं।
इस अवसर पर वर्तमान प्रभारी प्रधान पाठक मथुरा प्रसाद वर्मा ने तिलकराम वर्मा के चरणों में नमन करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और कृतज्ञता ज्ञापित की। उन्होंने कहा, “तिलकराम वर्मा का व्यक्तित्व हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की भाँति है। उनके द्वारा रोपित ये वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए न केवल ऑक्सीजन का स्रोत बनेंगे, बल्कि ज्ञान की शीतल छाया बनकर बच्चों के बौद्धिक विकास में भी सहायक होंगे। विद्यालय परिवार उनके दिखाए मार्ग पर चलने हेतु पूर्णतः संकल्पित है।”
यह कार्य न केवल एक सेवानिवृत्त शिक्षक के कर्तव्य बोध को प्रदर्शित करता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि प्रकृति के प्रति हमारा जुड़ाव जीवन के हर पड़ाव पर अनिवार्य है। विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों ने भी इस पुनीत कार्य में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है। आने वाले समय में ये पीपल और बरगद के वृक्ष विद्यालय को एक ‘हरित कुंज’ के रूप में स्थापित करेंगे, जहाँ बच्चे प्रकृति के सानिध्य में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।

