
बलौदाबाजार. बलौदाबाजार एवं जिले में संगठित सेक्स रैकेट का संचालन कर युवा व्यवसायियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की अश्लील क्लिप बनाकर इससे लाखों रुपये वसूल करने के मामले अंततः थाना सिटी कोतवाली में अपराध क. 250/2024 धारा 384, 389, 34 नादवि दर्ज किया गया है, जिसमें पूर्व में दो छुटभैय्या नेताओं के नाम भी शामिल हैं अखबारों में सेक्स रैकेट संबंधित खबर प्रकासन के बाद न्याय मिलने की संभावना के आधार पर कुछ पीड़ितों ने तीन-चार दिन पूर्व स्वयं थाना सिटी कोतवाली पहुँच कर मामले की शकायत दर्ज कराई थी थाना प्रभारी अजय झा ने बताया कि प्रकरण की जांच में पीड़ित पक्ष के लोगों से वस्तृत पूछताछ की गई है, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी मोंटी उर्फ प्रत्यूष मरैया, दुर्गा टंडन, शिरीष पांडेय, अधिवक्ता महान मिश्रा व अन्य आरोपियों द्वारा महिलाओं को पीड़ितों के घर में भेजा जाता था तथा उसके पश्चात पीड़ितों द्वारा बिना कोई अपराध किये उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर दबावपूर्वक अपराधिक षड्यंत्र करते हुए मोटी रकम उगाही की जाती थी ऐसे मामले संज्ञान में आने पर जांच तस्दीक कर अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना में लिया गया प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला बलौदाबाजार भाटापारा पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अपराध से संबंधित सुसंगत साक्ष्य के संकलन के लिए विधि द्वारा विहित प्रावधान के परिपालन में सर्च वारंट जारी कर संदेहियों के निवास एवं अन्य ठिकानों में सर्च अभियान जारी किया जा रहा है प्रकरण के मुख्य आरोपी दुर्गा टंडन, मोंटी उर्फ प्रत्युष मरैया, छुटभैय्या नेता शिरीष पांडेय अभी फरार हैं। दुर्गा टंडन के घर के बाहर पुलिस बल लगा दिया गया है। प्रकरण के सरगना की पता तलाश के लिए पुलिस की 5 स्पेशल टीम का बनाकर लगातार पतासाजी किया जा रहा है अभी तक की जांच विवेचना कार्रवाई में आरोपियों द्वारा 2 पीड़ितों से भयादोहन कर लगभग 25 लाख रुपये की वसूली किये जाने का मामला सामने आया है पुलिस ने ऐसे प्रकरणों में अन्य पीड़ित जिनको डराकर, धमकाकर, पैसा वसूली की गई है उनसे भी थाना सिटी कोतवाली आकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की अपील किया गया है
वही राजस्व मंत्री के कड़े निर्देश पर सक्रिय हुआ पुलिस अमला
यह भी उल्लेखनीय है कि करीब 3- 4 माह से बलौदाबाजार नगर समेत पूरे जिले में मामला सुर्खियों में बना हुआ था यह मामला राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के गृह जिले से जुड़ा होने के चलते संवेदनशील भी था अखबारों में इस पर विस्तृत खबर प्रकाशन के बाद मंत्री टंकराम वर्मा ने इसे संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार को कठोर और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये थे जिसके पश्चात थाना प्रभारी अजय झा व पुलिस की टीम ने इस पर सावधानीपूर्वक जाँच कर मामले में संलग्न लोगों की भूमिका का पर्दाफाश कर दिया



