
जांजगीर चांपा रोड में हसदेव नदी में स्थित गेमन पुल के रखरखाव पर सेतु विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि पुल में लगे स्ट्रीट लाइट महीनों से बंद पड़े है। इसकी वजह से शाम होते ही पुल में अंधेरा पसर जाता है और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जांजगीर – चांपा, कोरबा मुख्य मार्ग होने के कारण हर समय भारी वाहनों का दबाव रहता है। खासकर रात में पुल से पार होना खतरे से खाली नहीं है। उल्लेखनीय है कि चांपा का हसदेव नदी में बना यह पुल करीब सात दशक पुराना है। इस पुल से कई भारी वाहन नीचे गिर गया है तो वहीं सड़क हादसे में कई लोगों की जान जा चुकी है।
मुख्य मार्ग होने के कारण इस पुल पर वाहनों का हमेशा दबाव रहता है। खासकर रात में वाहनों की आवाजाही अचानक बढ़ जाती है क्योंकि जिला सहित कोरबा व रायगढ़ क्षेत्रों में औद्योगिक संयंत्रों की बहुलता है। वहां सामान लोड अनलोड करने के लिए खासकर भारी वाहन रात में ही सफर करते हैं। पुल की हालत खस्ता होने और अंधेरा पसरे होने के कारण लोगों का आवाजाही करना खतरे से खाली नहीं है। बारिश के दौरान पुल पर कई जगह गड्ढे हो गए थे। काफी मांग के बाद बड़ी मुश्किल से गड्ढों को भरा गया है, लेकिन स्ट्रीट लाइट को दुरूस्त करने ध्यान नहीं दे रहा है। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
बड़ी घटना का इंतजार
एक तरफ सड़क दुर्घटना रोकने के लिए यातायात पुलिस द्वारा अभियान चलाकर वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ पुल में अंधेरा होने के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है। मगर इस तरफ किसी के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शायद सेतु विभाग के साथ ही पुलिस को भी बड़ी घटना का इंतजार है। वहीं इन दिनों जिले में लूट, उठाईगिरी और चोरी की वारदातें बढ़ी है। ऐसे में पुल में अंधेरा होने का फायदा उठाकर आरोपितों के द्वारा बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों को भी नहीं सरोकार
हसदेव नदी पुल में छाए अंधेरे को लेकर प्रशासन की तरह ही जनप्रतिनिधियों को भी कोई सरोकार नहीं है लगता है। यही वजह है कि अभी तक किसी जनप्रतिनिधि ने इस तरफ कोई पहल नहीं किया है। वैसे तो चांपा शहर के पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधि छोटी छोटी समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन करने बैठ जाते हैं मगर जिस पुल से वे प्रतिदिन आवागमन करते हैं उसमें लाइट नहीं जल रही है इसे लेकर कोई प्रदर्शन करना तो दूर एक ज्ञापन तक नहीं दिए हैं।
संवाददाता : लोकनाथ साहू



