
दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्य, साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता और सार्वजनिक मामलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनके असाधारण योगदान के लिए व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 56 पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पुरस्कार विजेताओं के परिजन भी शामिल हुए। पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में पोलियो के कारण दोनों हाथ और पैर खोने वाले दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. केएस राजन्ना भी शामिल रहे।
पीएम मोदी का किया अभिवादन
पुरस्कार ग्रहण करने से पहले वे पीएम मोदी के पास गए। इस पर पीएम ने उनका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद राजन्ना ने राष्ट्रपति के सामने मंच पर जाने से पहले शीश झुकाया। उन्होंने राष्ट्रपति का भी विशेष रूप से अभिवादन किया। राष्ट्रपति जब उन्हें पद्मश्री से सम्मानित कर रही थी तब पूरा हॉल में शायद ही कोई होगा जो उनकी उपलब्धि पर गर्व ना कर रहा है। डॉ. राजन्ना को सम्मानित करने वाले पत्र में दिव्यांजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वर्णित किया गया था।
कौन हैं के.एस. राजन्ना
11 महीने की उम्र में, दुर्भाग्यवश, डॉ. राजन्ना ने पोलियो के कारण अपने हाथ और पैर खो दिए और घुटनों के बल चलना सीख लिया. उन्होंने अपने शरीर की शारीरिक सीमाओं को अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रेरणा बनाया. उन्होंने खुद को किसी से कम नहीं मानते हुए विकलांग लोगों के लिए काम करने का फैसला किया. समाज सेवा से जुड़ने के बाद उन्होंने लगातार काम किया और 2013 में कर्नाटक सरकार ने उन्हें दिव्यांगों के लिए राज्य आयुक्त बना दिया.



