
जांजगीर चांपा (शक्ति) – छत्तीसगढ़ के जशपुर जिलें के निवासी पद्मश्री जोगेश्वर यादव आज संस्था दर्शन हेतु सेवा संस्थान कात्रेनगर परिसर पहुंचें वनांचल क्षेत्र में बिरहोर जनजातीय जो सूदूर क्षेत्रों में निवास करते हैं और तमाम अभावों व कठनाइयों के बीच जीवन यापन करतें हैं उनके उत्थान व विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन खपा दिया ऐसे समाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री जागेश्वर यादव बिरहोर जनजाति के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो ज्यादातर छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सुदूर इलाके में रहते हैं।
मई माह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया।

इस सूची में आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ से जागेश्वर यादव का नाम भी शामिल था जिन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, प्रतिष्ठित “पद्मश्री पुरस्कार” से सम्मानित किया गया ।
जशपुर जिले के भीतरघरा गांव के निवासी जागेश्वर यादव उर्फ बिरहोर के भाई नाम से चर्चित है अपने प्रवास के दरमियान जन्माष्टमी उत्सव में उपस्थित होने जन्माष्टमी महोत्सव में जांजगीर आयें हुए थे।
इस बीच मन बना और सेवाभावी संस्था आश्रम दर्शन हेतु चलें आयें संस्था के संस्थापक स्वर्गीय कात्रे जी की प्रतिमा (स्टेच्यू) को नमन किया और सिद्धी विनायक मंदिर दर्शन करतें हुए अन्नपूर्णा भवन में भोजन ग्रहण किया और संस्था के अन्य प्रकल्पों व लघु उद्योगों को देखा इस बीच संस्था के सचिव सुधीर देव व अन्य कार्यकर्ता बंधु उनके साथ उपस्थित थे।
संवाददाता – लोकनाथ साहू / मनमोहन




