बलौदाबाजार

युवाओं के लिए प्रेरणा है सोमनाथ, शान पत्थर से आरी कैंची को धार कर परिवार का कर रहे हैं जीवन यापन

( राकी साहू ) सोमनाथ विश्वकर्मा आजकल के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कोई भी कार्य को छोटा बड़ा का दर्जा देकर आकलन करते हैं ग्राम भवानीपुर के सोमनाथ विश्वकर्मा विगत 25 वर्षों से शान पत्थर से पुरानी पद्धति के माध्यम से लोगों के आरी, कैची आदि विभिन्न औजारों की धार करके अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं सोमनाथ विश्वकर्मा ने हमारे संवाददाता को बताया की कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता बस उस कार्य को करने की लगन होनी चाहिए उनके आरी, कैंची को धार करने का कार्य पैतृक है पहले उनके दादा जी करते थे फिर उनके पिता रामकरण विश्वकर्मा उम्र 65 वर्ष ने लगभग 40 से 50 वर्षों तक यह कार्य किया अब पैरालिसिस हो जाने के कारण बीमार अवस्था में घर पर ही रहते हैं जो शासन के पेंशन से भी वंचित है उन्होंने आगे बताया की घर में उनके पिताजी को 7 वर्षो से पैरालिसिस है बीमार अवस्था में घर मे हैं दो बहन जिनकी शादी हो गई है वह अत्यधिक गरीब हैं वे और उनके छोटे भाई भुनेश्वर विश्वकर्मा दोनों बाजार वाले दिन लवन. बलौदा बाजार एवं पलारी तीनों जगह जाकर शान पत्थर से पुरानी पद्धति के माध्यम से हाथ से चला कर लोगों के आरी,कैंची आदि घरेलू उपयोग औजारों को धार करके महीने का 4 से 5 हजार रुपए तक का कमा कर अपने और अपने परिवार का जीवन यापन करते आ रहे हैं उन्होंने बताया कि वह पूरा कार्य हाथ के माध्यम से ही मेहनत कर करते हैं बैटरी से चलने वाले मशीन हेतु शासन से कई बार मांग कर चुके हैं लेकिन कहीं से कोई सहयोग नहीं मिला कुछ दिन पूर्व कौशल विकास योजना अंतर्गत भी फॉर्म डाले हैं लेकिन उसका भी पता नहीं सोमनाथ विश्वकर्मा ने आजकल के उन युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आजकल के युवा नशा के लत में डूब चुके हैं अपने और अपने घर परिवार को बर्बाद कर रहे हैं काम धाम न करके कार्य को छोटे और बड़े के रूप में आकलन कर स्वयं निर्णय ले लेते हैं व्यापार में कार्य छोटा बड़ा नही होता है बस उस कार्य को करने की लगन होना चाहिए

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