
डोमार साहू ( गिधपुरी) भाजपा जिला कार्यालय बलौदाबाजार में आज केंद्रीय बजट 2026 का सीधा प्रसारण कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, प्रदे श प्रवक्ता भाजपा श्री प्रमोद शर्मा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अकाँक्षा जायसवाल वरिष्ट भाजपा नेता द्वय श्री टेसूलाल धुरंधर विजय केशरवानी सहित जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ देखा ।
एन डी ए सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट जन कल्याणकारी, दूरदर्शी, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम को परिभाषित करने वाला बजट है !
वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा प्रस्तुत बजट आत्म निर्भर एवं विकसित भारत के विजन को साकार करने वाला आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होने वाला है। यह बजट मध्यम वर्ग को कर राहत, किसानों को समृद्ध बनाने वाला होगा।
आर्थिक सर्वेक्षण की सिफारिशों पर आधारित यह बजट महंगाई पर काबू पाते हुए रोजगार और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। यह बजट न केवल आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा, बल्कि सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करके एक समावेशी भारत का निर्माण करेगा। सरकार की यह पहल देशवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगी।
बजट में हर वर्ग की चिंता की गई है। किसान, गरीब, युवा हर कोई इस बजट से बेहद खुश है। 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। यह निर्णय मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत की बात है। विकसित भारत की मजबूत नींव रखने वाले ऐतिहासिक केंद्रीय बजट 2026-27 ने देश की प्रगति को एक नई दिशा दी है। यह बजट इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार किया गया पहला बजट है। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारतप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी को बधाई। इस बजट से हर वर्ग – विशेषकर युवा, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग – को लाभ मिलेगा।
पिछले साल, शिक्षा बजट के तहत 1,28,650.05 करोड़ रुपये अलॉट हुए थे, जो 6.65% की बढ़ोतरी थी। हायर एजुकेशन पर खर्च 2025-26 में 7.74% बढ़कर 50,077.95 करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को 78,572 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो संशोधित अनुमानों से लगभग 11,000 करोड़ रुपये अधिक थे। इस बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा को मिला, जिसमें आवंटन बढ़कर 41,250 करोड़ रुपये हो गया। PM श्री स्कूलों को भी लगातार फंडिंग मिलती रही, जिनका मकसद NEP के अनुसार मॉडल सरकारी स्कूल विकसित करना है।
आम बजट 2026 बनाम 2026: शिक्षा और रोजगार के लिए बड़ी घोषणाएं
आम बजट अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये के खर्च से बायो फार्मा शक्ति की स्थापना करके भारत को एक ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। तीन नए संस्थान खुलेंगे। इससे फार्मा क्षेत्र में करियर के मौके बढ़ेंगे। बिहार में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट स्थापित किया जाएगा। बजट 2026 ‘AI एप्लीकेशन’ और ‘युवा शक्ति-संचालित बजट’ पर फोकस करेगा। देश के सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जाएंगे।नए बजट 2026 के अनुसार, 3 नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERs) स्थापित किए जाएंगे, और 7 मौजूदा NIPERs को अपग्रेड किया जाएगा। 2014 के बाद शुरू होने वाले 5 नए IITs में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसी अनुसार इन आईआईटी में हॉस्टल की सुविधा और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बनाया जाएगा।नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFFED) टियर 2-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर ध्यान देंगे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर एजुकेशन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने आयुर्वेद पर फोकस किया है। 5 नए आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे। अगले एक साल के अंदर देश में मेडिकल की 10 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी। अगले 5 साल में 75000 मेडिकल सीट बढ़ाई जाएंगी। इनमें एमबीबीएस सीट (यूजी मेडिकल सीट) के अलावा पीजी मेडिकल सीटें भी शामिल होंगी।देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। मेक फॉर इंडिया के तहत युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने के लिए ग्लोबल एक्सपर्ट्स की साझेदारी से 5 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग की स्थापना होगी।5 निजी विश्वविद्यालय खोलने में मदद की जाएगी। भारतनेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गवर्नमेंट सेकंडरी स्कूों में ब्रॉडबैंड यानी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। आयुष फार्मेसी को अपग्रेड किया जाएगा। वेटरनरी प्रोफेशनल्स की संख्या 20 हजार तक बढ़ाने के लिए वेटनरी और पैरा वेटरनरी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। सरकार इसके लिए आर्थिक तौर पर मदद करेगी। स्कूल और हायर एजुकेशन में भारतीय भाषाओं की डिजिटल किताबें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषा पुस्तक परियोजना शुरू की जाएगी। पूरे भारत के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की घोषणा की गई। इससे भारत के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (ABGC) सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
प्राइवेट सेक्टर ड्रिवन रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का आवंटन।CA, CS और CMA संस्थानों यानी- ICAI, ICSI, ICMAI को प्रोफेशनल सपोर्ट देगी, ताकि वे शॉर्ट टर्म मॉड्यूल्स तैयार करें और प्रैक्टिकल टूल्स बनाएं। इसकी मदद से देश में Corporate Mitra तैयार होंगे। खासतौर से टियर-2 और टियर-3 शहरों पर इसके लिए फोकस होगा, ताकि ये कॉर्पोरेट मित्र लघु उद्योग (MSMEs) की मदद कर पाएं।
इस अवसर पर सुनने वालों मे नरेश केसरवानी, आलोक अग्रवाल, चित्रेखा साहू, रितेश श्रीवास्तव, सुनीता वर्मा, जितेन्द्र माहले, राकेश ध्रुव, सबा करीन, धनेश्वरी वर्मा, सरिता मार्के, सोहन साहू, पोषण पटेल, महेन्द्र साहू, कृष्णा सेन, वासु ठाकुर, लक्ष्मी साहू, हितेश रात्रे सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण ने केन्द्रीय बजट का प्रसारण सुना गया।




