सीमा पर फौजी तो खेत में किसान: ग्राम पंचायत ओड़ान के अन्नदाताओं ने खेत में तिरंगा फहराकर पेश की अनूठी मिसाल

(डोमार साहू गिधपुरी) देश के 80 वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आज ग्राम पंचायत ओड़ान में देशभक्ति का एक अनूठा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। गाँव के किसानों ने इस बार राष्ट्रीय पर्व को किसी सरकारी भवन या स्कूल में नहीं, बल्कि अपने खेतों के बीचो-बीच मनाकर एक नई मिसाल पेश की है। जैसे देश की सीमाओं पर तैनात फौजी विपरीत परिस्थितियों में मुस्तैदी से खड़े होकर तिरंगे की शान बढ़ाते हैं, ठीक उसी तरह ग्राम पंचायत उड़ान के अन्नदाताओं ने अपने कार्यस्थल यानी खेतों को ही उत्सव का केंद्र बनाया। किसानों ने लहलहाती फसलों के बीच पूरे राजकीय सम्मान और राष्ट्रगान के साथ तिरंगा झंडा फहराया। किसानों का संदेश: इस आयोजन में शामिल स्थानीय किसानों ने कहा, “फौजी बॉर्डर पर रहकर देश की सुरक्षा करते हैं और हम खेतों में पसीना बहाकर देश का पेट भरते हैं। हमारे लिए हमारा खेत ही हमारी कर्मभूमि और देश सेवा का माध्यम है। इसलिए हमने इस बार अपनी फसलों के बीच तिरंगा फहराकर भारत माता के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है।”इस अनोखी पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, युवा और बच्चे शामिल हुए, जिन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारों से पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। यह आयोजन याद दिलाता है कि देश की प्रगति और सुरक्षा में जितना योगदान सीमा पर खड़े जवान का है, उतना ही योगदान खेत में डटे किसान का भी है।



