
दिल्ली- आज पूरे देश में अगर किसी एक शख्स की सबसे ज्यादा चर्चा है तो वह हैं पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी की निवर्तमान सांसद महुआ मोइत्रा. आम लोगों के वोट से चुनकर संसद में पहुंची मोइत्रा पर आरोप बेहद गंभीर हैं. संसद में सवाल पूछने के लिए एक कारोबारी से रुपये लेने के आरोपों की जांच के बाद संसद की एथिक्स कमेटी की सिफारिश के मुताबिक उनकी संसद सदस्यता छीन ली गई है. इस पर पूरा विपक्ष महुआ के साथ खड़ा हो गया है.
पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में संसद से निष्कासित की गईं तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को 14 साल के राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। कुछ समय के लिए संसदीय करियर पर अचानक लगे विराम के बावजूद विपक्ष के अटूट समर्थन ने एक अलग तस्वीर पेश करते हुए वर्तमान भारतीय राजनीति में मोइत्रा का गहरा प्रभाव दिखाया है।
कृष्णानगर लोकसभा सीट से पहली बार संसद पहुंचीं मोइत्रा को शुक्रवार को संसद से निष्कासित कर दिया गया। लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट में उन्हें ‘अनैतिक एवं अशोभनीय आचरण’ के लिए जिम्मेदार ठहराया गया जिससे उनके निष्कासन का रास्ता बना।






