
भागवत में आठवें दिन सुदामा चरित्र, उद्धव संवाद और द्वारिका दर्शन प्रसंग का किया वर्णन

केशव साहू .घोटिया (पलारी)। ग्राम खरतोरा में साहू परिवार द्वारा श्रीमद कर्णि भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया गया है। जिसमें कथावाचक नरेंद्र नयन शास्त्री जी सिलयारी धाम वाले ने आठवें दिन शनिवार को द्वारिका दर्शन, कृष्ण उद्धव संवाद एवं सुदामा चरित्र के प्रसंग का वर्णन किया। शास्त्री जी ने कहा कि जीवन में मित्रता हो तो कृष्ण-सुदामा जैसी होना चाहिए। भगवान अपने भक्त में उच्च नीच का भाव नहीं देखते। भगवान कृष्ण के मित्र रहे सुदामा एक बहुत ही गरीब ब्राह्मण परिवार से थे। बच्चों को पेट भरना भी मुश्किल हो गया था। गरीबी से तंग आकर एक दिन सुदामा की पत्नी ने सुदामा कहा कि मैं और आप खुद भूखे रह सकते हैं, लेकिन बच्चों को भूखा नहीं देख सकते। सुदामा की पत्नी ने कहा कि द्वारका के राजा श्रीकृष्ण आपके मित्र हैं। आपकी हालत देखकर बिना मांगे ही कुछ न कुछ दे देंगे। पत्नी के बार-बार कहने के बाद बड़ी मुश्किल से सुदामा अपने सखा श्री कृष्ण से मिलने के लिए सुदामा तैयार हुए। भगवान ने मित्र सुदामा की गरीबी को दूर करते हुए उनके सभी दुखों को हर लिया था।
कृष्ण उद्धव संवाद सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
भगवान कृष्ण और उद्धव के सुंदर प्रसंग का वर्णन किया। इसे सुनकर सभी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा वाचक नरेंद्र नयन शास्त्री जी ने कहा एक समय भगवान श्री कृष्ण उदास बैठे थे, तभी उनके मित्र व परम भक्त उद्धव जी उनके पास आए और उनसे पूछा कि हे वासुदेव ऐसी कौन सी बात है, जिससे आप उदास हैं। तब श्री कृष्ण ने कहा कि हमें गोपियों की याद सता रही है। आप गोकुल जाओ और गोपियों को समझाओ कि कृष्ण जल्द गोकुल लौटेंगे। जब उद्धव ने गोपियों से श्रीकृष्ण प्रेम मोह छोड़ने की बात कही तो गोपियों ने कहा कि जिसे प्रेम का ज्ञान नहीं, वह ज्ञानी नहीं हो सकता। गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम देख उद्धव का अभिमान चूर चूर हो गया।
भागवत के पैसे से पं नरेंद्र नयन शास्त्री ने 323 कन्या का कराया विवाह
पं नरेंद्र नयन शास्त्री जी भारत वर्ष में चाय वाले बाबा के नाम से एवं चॉवल देखकर भूत एवं भविष्य बताने के लिए विख्यात है। शास्त्री जी हिन्दू संस्कृति एवं वैदिक सनातन धर्म के व्यापक प्रचार- प्रसार हेतु पुरे भारत देश में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का प्रसाद बांट रहे है। श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से जीव जगत का कल्याण व 323 गरीब कन्याओं के विवाह का खर्च वहन कर समाज में बेटियों को उच्चतम सम्मान व स्थान दिलाया है।
इस अवसर पर आयोजक भूनेश्वरी साहू, रूपेश कुमार, विवेक साहू, कमला साहू, सेवकराम, सेवती साहू, अशोक साहू,भानू साहू, संतोष साहू, आरती साहू, विष्णु प्रसाद, सुमित्रा साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

